नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय में ई-गवर्नेंस) का शुभारंभ किया |

नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय में ई-गवर्नेंस) का शुभारंभ किया|

इस परियोजना का उद्देश्‍य डीजीसीए की प्रक्रियाओं और कार्यों का स्वचालन करना है| श्री सिंधिया ने कहा कि यह परियोजना प्रतिबंधात्मक विनियमन से रचनात्मक सहयोग में हो रहे बड़े बदलाव का उदाहरण है|

पायलट, विमान रखरखाव इंजीनियरों जैसे विभिन्‍न डीजीसीए हितधारकों को प्रदान की जाने वाली अनेक सेवाएं अब ईजीसीए पर ऑनलाइन उपलब्ध होंगी|

आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में देश ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मना रहा है। इस अवसर पर केन्‍द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) में ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म, ईजीसीए राष्ट्र को समर्पित किया। इस कार्यक्रम के अवसर पर नागरिक उड्डयन सचिव श्री राजीव बंसल, महानिदेशक नागरिक उड्डयन श्री अरुण कुमार और नागरिक उड्डयन उद्योग के प्रतिष्ठित सदस्य उपस्थित थे।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए, श्री सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन को अपनाते हुए, डीजीसीए ने अपना ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म ईजीसीए लागू किया है। इस परियोजना का उद्देश्य डीजीसीए की प्रक्रियाओं और कार्यों का स्वचालन करना है, इसमें प्रारंभिक चरणों में डीजीसीए के लगभग 70 प्रतिशत कार्य करने वाली 99 सेवाओं को शामिल किया जा रहा है। 198 सेवाओं को अन्‍य चरणों में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह एकल विंडो प्लेटफॉर्म खामियों को समाप्‍त करना, व्यक्तिगत संपर्कों को कम-से-कम करना, नियामक रिपोर्टिंग में सुधार करना, पारदर्शिता और उत्पादकता बढ़ाने जैसे महत्‍वपूर्ण परिवर्तन लाएगा। उन्होंने प्रतिबंधात्मक विनियमन से रचनात्मक सहयोग में
महत्‍वपूर्ण बदलाव लाने के लिए डीजीसीए की प्रशंसा की। उन्‍होंने कहा कि हमने अभी शुरुआत की है और यह यात्रा समाप्त नहीं हुई है। जल्दी ही इस परियोजना की समीक्षा की जाएगी ताकि यह पता चले कि इस परिवर्तन से ग्राहकों को किस प्रकार लाभ मिला है और अभी क्‍या करने की आवश्‍यकता है। उन्‍होंने यह भी कहा कि हमारी उत्तरदायी सरकार है, जिसने प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में महामारी की विपदा को भी अवसर में परिवर्तित कर दिया है।

यह परियोजना सूचना प्रौद्योगिकी बुनियादी ढांचे और सेवा आपूर्ति ढांचे के लिए एक मजबूत आधार उपलब्‍ध कराएगी। ई-प्लेटफॉर्म विभिन्न सॉफ्टवेयर अनुप्रयोगों, सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के साथ संपर्क, सूचना के प्रसार और एक सुरक्षित माहौल में ऑनलाइन एवं त्‍वरित सेवा आपूर्ति के लिए यह पोर्टल एक सिरे से दूसरे सिरे तक समाधान उपलब्‍ध कराएगा। यह परियोजना डीजीसीए द्वारा उपलब्‍ध कराई जा रही विभिन्न सेवाओं की दक्षता में बढ़ोतरी करने के साथ-साथ डीजीसीए के सभी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करेगी। इस परियोजना को टीसीएस को सेवा प्रदाता के रूप में और पीडब्ल्यूसी को परियोजना प्रबंधन सलाहकार के रूप में शामिल करते हुए लागू किया गया है।

इस शुभारंभ के दौरान, श्री सिंधिया ने एक केस स्टडी ‘डीजीसीए टेक्‍स ऑफ ऑन ए डिजिटल फ्लाइट’ का लोकार्पण किया जिसमें ईजीसीए के कार्यान्वयन के माध्यम से डीजीसीए की यात्रा को दर्शाया गया है। डीजीसीए द्वारा सामना की गई चुनौतियों और ईजीसीए प्लेटफॉर्म के माध्यम से इनसे निपटने के लिए किए गए उपायों को भी इस केस स्टडी में शामिल किया गया है।

विभिन्न डीजीसीए हितधारकों जैसे पायलटों, विमान रखरखाव इंजीनियरों, हवाई यातायात नियंत्रकों, एयर ऑपरेटरों, हवाई अड्डा ऑपरेटरों, उड़ान प्रशिक्षण संगठनों, रखरखाव एवं डिजाइन संगठनों आदि को प्रदान की जाने वाली सेवाएं अब ईजीसीए पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं। विभिन्न सेवाओं के लिए अब आवेदक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और अपने दस्तावेज ऑनलाइन ही अपलोड कर सकेंगे। डीजीसीए के अधिकारियों द्वारा आवेदन पत्र प्रोसेस किए जाएंगे और ऑनलाइन मंजूरी और लाइसेंस जारी किए जाएंगे। पायलटों और विमान रखरखाव इंजीनियरों के लिए अपनी प्रोफाइल देखने और चलते-फिरते अपने डेटा को अपडेट करने के लिए भी मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया गया है।

यह ईजीसीए पहल डीजीसीए की डिजिटल परिवर्तन यात्रा में एक महत्‍वपूर्ण उपलब्‍ध‍ि है और इससे हितधारकों को अच्‍छे अनुभव प्राप्‍त होंगे। डीजीसीए के लिए यह ‘कारोबार को सुगम बनाने’ की दिशा में उठाया गया एक कदम है। यह डिजिटल परिवर्तन डीजीसीए के सुरक्षा नियामक ढांचे में महत्वपूर्ण मूल्यवर्धन लाएगा।